Shayari

तारे शायरी | Taare Shayari | Tara Shayari

Taare Shayari | Tara Shayari (Tuta Hua Tara Shayari in Hidni) – रात में जब हम छत पर टहलते हैं या सोते है तो अक्सर नजर आसमान पर चली जाती हैं. छोटे-छोटे हजारों करोड़ो तारे टिमटिमाते नजर आते है इन तारों को देखते हुए लोग लाखों ख्वाब बुनते हैं. इस पोस्ट में बेहतरीन तारे शायरी, तारा शायरी, टुटा हुआ तारा शायरी आदि दिए हुए हैं. इन्हें जरूर पढ़े.

तारा शायरी | Tara Shayari | Tare Shayari | तारे शायरी

तुम्हारी याद में कितनी लम्बी रातें है गुजारी,
इतना जान लो तुम पर है मेरी इश्क की उधारी.


चाँद बताकर मैंने की थी तेरी बड़ाई,
तारा बताकर तूने मेरी औकात दिखाई.


बहुत दिन बाद छत से तारों को निहारता रहा,
सारे गम भुलाकर बचपन का इश्क़ फरमाता रहा.


तारों को देखकर बहुत कम लोग ख्वाब बुनते हैं,
दिल जो चाहें वहीं बहुत कम लोग करते हैं.


ये तारे कितने प्यारे
जो आसमान में है सारे.


टूट कर एक तारा दूसरों के ख्वाब पूरी करता हैं,
फिर भी तारों की कोई मिशाल नहीं देता हैं.


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