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भ्रष्टाचार पर शायरी | Shayari on Bhrashtachar

Shayari on Bhrashtachar – इंसान के अंदर भ्रष्टाचार की जड़े इतनी गहरी हो चुकी है कि पैसों के लिए अमीर और पढ़े-लिखे लोग भी भ्रष्टाचार करने को तैयार हैं. इस भ्रष्टाचार का मूल्य पूरे समाज को चुकाना पड़ता है. बेईमानी और भ्रष्टाचार एक ऐसी बीमारी है जिस इंसान को लग जाए उसके सुख-चैन को खत्म कर देता हैं.

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भ्रष्टाचार पर शायरी | Shayari on Bhrashtachar

भ्रष्टाचार करोगे तो गरीबों की आह पाओगे,
बताओ गरीबों की आह लेकर कैसे तरक्की कर पाओगे.


पैसा नहीं तो काम न करने के कई बहाने हैं,
मेरे दोस्त, यहीं भ्रष्टाचार के फ़साने हैं.


भ्रष्टाचार दिनों दिन बढ़ रहा है,
गरीब इंसान इस आग में जल रहा हैं.


“जनता की ग़रीबी हटायेंगे” ऐसा बोलकर नेता सत्ता में आते हैं,
पर अफ़सोस खुद भ्रष्टाचार में लिप्त होकर उनकी गरीबी बढ़ाते है.


विश्वास करना पड़ता है सभी मीठी जुबान लिए फिरते हैं,
वादे निभाने के लिए नहीं होते है जो चुनावों में करते हैं.


भ्रष्टाचार स्टेटस | Bhrashtachar Status in Hindi

पैसों की कीमत इतनी बढ़ गयी,
कि लोग भ्रष्टाचार करने लगे.


भ्रष्टाचार की जड़े गहरी है,
राजनेता भ्रष्टाचार के प्रहरी है.


तुम्हारी ईमानदारी से काम नहीं चलेगा,
देश तभी तरक्की करेगा जब ईमानदार नेता चुनेगा.


भ्रष्टाचार की बात हो
तो पूरा देश इसके खिलाफ नजर आता है,
तो फिर ये भ्रष्टाचार करता कौन है?


भ्रष्टाचार स्लोगन्स | Bhrashtachar Slogans in HIndi

यदि देश को आगे बढ़ाना हैं,
तो भ्रष्टाचार को जड़ से मिटाना है.


ऐसी पढ़ाई का क्या फ़ायदा,
अगर पैसे बेईमानी से ही कमानी है.


पहले ख़ुद को ईमानदार बनाओ,
फिर दूसरों को ईमानदारी का पाठ पढ़ाओ.


जनता के समस्याओं का कोई समाधान नहीं हैं,
भारत से भ्रष्टाचार को मिटाना आसान नहीं हैं.


कब आएगी अच्छी सरकार,
कब खत्म होगी भ्रष्टाचार.


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