Shayari

मजबूर शायरी | Majboor Shayari in Hindi

Halat Se Majboor Status

जिन्दगी में बेशक हर मौके का फायदा उठाओ,
मगर किसी के हालात और मजबूरी का नहीं.


हालात कर देते है भटकने पर मजबूर,
घर से निकला हुआ हर शख्स आवारा नहीं होता.


इस दिल की दुआ तूने कबूल नहीं की,
मजबूर तो हम थे, तू मजबूर नहीं थी.


गिरना कौन चाहता है किसी की नजरों में,
कभी लोग मजबूर कर देते है तो कभी हालात.


Meri Majboori Shayari

ऐ बेवफ़ा थाम ले मुझको मजबूर हूँ कितना,
मुझको सजा न दे मैं बेकसूर हूँ कितना,
तेरी बेवफ़ाई ने कर दिया है मुझे पागल,
और लोग कहते हैं मैं मगरूर हूँ कितना.


जालिम था वो और जुल्म की आदत भी बहुत थी,
मजबूर थे हम उस से मोहब्बत भी बहुत थी.


इंसान जब दिल के हाथो मजबूर होता है,
तो झूठे प्यार पर भी बड़ा गुरूर होता है.


हो जाओगे मजबूर तुम भी कुछ इस तरह,
हीर की मोहब्बत में रांझा था जिस तरह.


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