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धर्म अधर्म शायरी | Dharm Adharm Shayari in Hindi

Dharm Adharm Shayari in Hindi – जब इंसान कोई बुरा कार्य करता है तो उसे अधर्म कहते है, ऐसे कार्यों से किसी ना किसी को दुःख ही पहुँचता है. जब इंसान का कार्य धर्म से प्रेरित होता है तो जीव आनन्दित होता है. इस आर्टिकल में बेहतरीन धर्म और अधर्म शायरी दिए हुए हैं. इन्हें जरूर पढ़े.

हर सिक्के के दो पहलू होते है. ऐसे ही धर्म और अधर्म एक सिक्के के दो पहलू है. जब आपके किये कार्यों से किसी जीव को सुख मिले या उससे देश और समाज की उन्नति हो. उस कार्य को मैं धर्म मानता हूँ. अगर किसी कार्य से किसी जीव को कष्ट है. देश और समाज के उन्नति में बाधक है तो मैं उसे अधर्म मानता हूँ.

धर्म के मार्ग पर चलने में कष्ट है पीड़ा है. इसका रास्ता कई मुसीबतों से घिरा हुआ है. लेकिन धर्म के मार्ग पर चलने वाला इस जन्म और इस लोग में भी खुश प्राप्त करता है. परलोक में भी सुख प्राप्त करता है. और अगले जन्म में भी सुख प्राप्त करता है. अधर्म पर चलने वाला क्षणिक सुख पाता है. इस लोक, परलोक और अगले जन्म तक कष्टों को भोगता है.

Dharm Adharm Shayari in Hindi

जब किसी के अंदर का खुदा मर जाता है,
तो वह दुसरे के बहकावे में हर गुनाह कर जाता है.


Dharm Shayari
Dharm Shayari Image | Dharm Adharm Shayari in Hindi

अगर तुम्हें अपने धर्म का जरा सा इल्म होता,
तो किसी बेगुनाह पर तुम्हारा जुल्म ना होता.


Adharm Shayari

अधर्म की इमारत कितनी भी ऊँची हो,
मगर इसकी बुनियाद हमेशा कमजोर होती है.


अधर्म का जो रूप होता है,
वो बड़ा ही कुरूप होता है.


धर्म अधर्म शायरी

खुदा का नाम लेकर जो हर बुरा काम करते है,
तुम्हें पता है वो जहन्नुम की आग में जला करता है.


इस दुनिया में ऐसे भी शैतान है,
जो धर्म के नाम पर लेते जान है.


Dharm Shayari in Hindi

आज का यही है शुभ विचार,
धर्म की जीत और अधर्म की हार.


धर्म के नाम पर जो दुकान चलाते है,
वो मुसीबत में किसी के काम नही आते है.


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