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Insan Ki Kadar Shayari | इंसान की कदर शायरी

Insan Ki Kadar Shayari in Hindi – इस आर्टिकल में ‘इंसान की कदर शायरी’ दी गयी है. इंसान की कदर उसके कर्म के आधार पर की जाती है. यदि आपके कर्म अच्छे और आपने जीवन में सफलता प्राप्त कर लिया है तो आपको सभी लोग सम्मान देंगे. आपकी कदर करेंगे. अगर आपके कर्म बुरे है तो लोग आपसे दूरी बना कर रहेंगे.

जीवन में कुछ लोग ऐसे होते है जिनकी कदर इंसान को हमेशा करनी चाहिए. माँ-बाप का सम्मान और कदर करना सबका धर्म होता है. गुरू सम्मान और कदर के हकदार होते है. ये सब पूजनीय और बंदनीय है. दोस्त जो मुसीबत में साथ खड़े हो वो कदर के योग्य होते है. जो पत्नी दुःख में आपका साथ न छोड़े वो कदर के योग्य होती है. जो पुत्र बुढ़ापे में आपका सहारा बने वो कदर योग्य होता है.

यह प्रकृति भी इंसान को बहुत कुछ देती है. इसलिए सबको इस प्रकृति की कदर करनी चाहिए. प्रदूषण कम से कम करना चाहिए. ढेर सारे पेड़ लगाने चाहिए. पेड़ों को कटने से बचाना चाहिए. क्योंकि पर्यावरण जितना स्वच्छ और स्वस्थ्य रहेगा. उतना ही आप स्वस्थ्य रहेंगे.

Insan Ki Kadar Shayari

शिकायतें कितनी भी हो उन्हें दिल में नही रखनी चाहिए,
माँ-बाप की सेवा और कदर पूरी जिन्दगी करनी चाहिए.


पहले मेहमान घर आते थे तो कदर होती थी,
अब मेहमान घर आते है तो गदर होती है.


इंसान की कदर शायरी

जो अपने माँ-बाप की कदर ना कर सके,
उसकी कदर आप कभी ना करें.


इंसान आपको जिंतनी इज्जत दे,
आपको उसकी उतनी ही कदर करनी चाहिए.


Insan Ki Kadar Shayari in Hindi

उगते सूरज को सलाम करता है ये शहर,
लगड़े घोड़े की यहाँ कोई नही कदर.


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